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Karanpur: Mahant Pratappuri Maharaj received a grand welcome called for upcoming elections |Karanpur: महंत प्रतापपुरी महाराज का हुआ भव्य स्वागत, आगामी चुनावों का किया आह्वान

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Karanpur: फरवरी में होने वाले आगामी पांच राज्यों में चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार जीत और देश में कोरोना मुक्ति की कामना को लेकर पोकरण से रामदेवरा तक पदयात्रा करने वाले भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी विशेष आमंत्रित सदस्य और बीजेपी के वरिष्ठ नेता महंत प्रतापपुरी महाराज श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर है. आगामी चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं से कमर कसने के साथ सीमांत के नागरीकों को राष्ट्रीयता के लिए जागरुक रहने का आह्वान किया, वहीं महंत प्रतापपुरी महाराज ने गुरुवार को श्रीगंगानगर में होने वाले पार्टी के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता महंत प्रताप पुरी महाराज देर रात गजसिंहपुर पहुंचे, जहां सूद परिवार द्वारा महंत प्रतापपुरी महाराज का भव्य स्वागत किया. वे हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के एक दिवसीय दौरे पर आए हुए है. वहीं महंत प्रतापपुरी महाराज ने कहा- “मैं संत भाव से यहां आया, मैं एक संत हूं, संत का भाव समरसता का है, समानता का है ओर सम्मान का है.”

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उन्होंने इस यात्रा का उद्देश्य निजी और संगठन कार्य के लिए बताया. साथ ही कहा की मैं अपने सभी सनातन धर्मियों को एक संदेश देना चाहता हूं, की हम सब सद्भाव में रहें. सीमांत क्षेत्र में बैठे हुए हैं और हमारे उन भाइयों को सम्मान भी दें जो हमारे साथ पीढ़ियों-पीढ़ियों और सदियों-सदियों से रहें हैं. हम ऐसी आशा रखते है की हम किसी का साथ लेकर चलना चाहते है तो निश्चय ही समरसता, समानता और सम्मान देंगे तभी हमें सम्मान मिलेगा. उन्होंने सर्वे हिन्दव: सोदरा: श्लोक का उच्चारण करते हुए कहा की हम सभी को एक साथ बैठकर मां भारती के लिए बहुत ज्यादा संवेदनशील बनकर बहुत सजग और जागरुक रहकर राष्ट्रीयता के लिए और क्षेत्र के लिए जागरुक रहना है. कयोंकि हम सीमांत क्षेत्र के नागरिक है.

उन्होंने कहा कि हमें अपने कर्तव्य का बोध करना है, की मेरा कर्तव्य क्या बनता है. जब हम कर्तव्य का पालन करते हैं तो हमें कर्तव्य पालन का बोध होगा. तभी हम कर्तव्य का पालन करेंगे. हम सभी लोग इस समय नीति निर्धारण के लिए चिंतन करते हैं, चिंता करते हैं. नीति निर्धारण करने वाले लोग भी एक राष्ट्रीयता का भाव लेकर एक सेवा का भाव लेकर इस क्षेत्र में उतरते हैं. तो देश के लिए क्षेत्र के लिए और प्रदेश के लिए अच्छी नीतियां बनेगी. उन्होंने सीमांत क्षेत्र के लोगों को साधु वाद देते हुए कहा की जो सीमांत क्षेत्र में भीषण स्थितियों में भी रह रहे है.

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आगे भी आप लोग समरस्ता बनाए होए हो, प्रेम भाव बनाए हुए हो, और अपनी पुरानी परंपराओं संस्कृति को राष्ट्र को ऐसे ही संवारे रखना, जैसे आपके पुरखों ने रखा था. उन्होंने कहा की मुझे प्रसन्नता है की मैं आपके बीच आया हूं, पुन: आने का मन रहेगा, क्योंकि संत का भाव होता, संत न तो किसी जाति के होते है, और न ही किसी क्षेत्र से बंधते है, संत सार्वजनिक और सार भौमिक होते है.

अत: मैं संत हूं, मुझे यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मैं इस धरती को प्रणाम करता हूं. आइए हम सब मिलकर साथ में चले, साथ में बैठकर विचार करें फिर उस पथ पर चले जो महापुरुष हमें पथ बता गए है. गौरतलब है कि महंत प्रतापपुरी महाराज हाल में ही पांच राज्यों में हो रहे चुनाव में भाजपा की जीत और कोरोना मुक्ति की कामना को लेकर पोकरण से रामदेवरा की पदयात्रा भी कर चुके हैं. वह संगठन और पार्टी हित के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. गजसिंहपुर में वे सूद निवास पर रुके हुए हैं.

Reporter: Kuldeep Goyal

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